निशी भाभी ने रस निकाला

प्रेषक : रिंकू …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रिंकू है। में 36 साल का हूँ,  में दिखने में सुंदर और स्मार्ट हूँ, कोई भी औरत मुझे एक बार जरूर देखती है, मैंने बहुत सी औरतों के साथ चुदाई की है, में 5 फुट 9 इंच लम्बा हूँ और मेरा लंड 7 इंच लम्बा है। मेरी आदत है कि में किसी औरत की सुंदरता उसके बूब्स के आधार पर ही करता हूँ अगर स्त्री के बूब्स बड़े और गोल है तो मुझे वो बहुत सेक्सी दिखती है, में उसे चोदने की कोशिश करता हूँ। एक दिन की बात है  मुझे किसी खास काम के लिए मुंबई जाना पड़ा था, मेरा काम जल्दी समाप्त हो गया था, इसलिए मैंने सोचा कि मेरा एक दोस्त जो पूना में रहता है उससे मिल लूँ। फिर में रात में 8 बजे पूना अपने दोस्त के घर पहुँचा।

फिर डोरबेल बजाने पर एक सुंदर सी स्त्री ने दरवाज़ा खोला और मुस्कुराते हुए मुझे अंदर आने को कहा, वो एक लंबी सी सुंदर औरत थी, उसने हल्के गुलाबी रंग की नाइटी पहन रखी थी, उसने ब्रा नहीं पहनी थी। अब मुझे उसकी निप्पल साफ-साफ दिख रही थी, मेरी निशी भाभी  5 फुट 3 इंच लंबी है, वो भी 25 साल की है और उसका फिगर साईज 36-32-36 है, वो बहुत गोरी है, भाभी के भारी-भारी गांड और बूब्स है। अब मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी थी। अब  मेरा लंड तनकर खड़ा होने लगा था। अब में बार-बार अपने लंड को अपने एक हाथ से एड्जस्ट करने लगा था। अब वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी थी। अब में उसकी बड़ी-बड़ी चूची (बूब्स) को देखकर पागल होने लगा था। तब मैंने पूछा कि सुनील ऑफिस से कब आएँगे? तो तब उसने कहा कि वो तो 1 महीने से विदेश गये है।

फिर चाय पीने के बाद मैंने निशी भाभी से चलने को कहा तो तब वो बोली कि रात में आप कहाँ जाएँगे? तो तब मैंने कहा कि होटल में रुक जाऊँगा। तब निशी भाभी बोली कि यहाँ आपको कोई प्रोब्लम नहीं होगी, फिर में भी तो अकेली हूँ। अब में तो रात में निशी भाभी के साथ सोना चाहता था। फिर में चुप हो गया और कपड़े बदलकर कमरे में आराम करने चला गया। अब मुझे निशी भाभी के बूब्स नजर आ रहे थे। अब में उसे चोदने का प्लान बनाने लगा था। फिर मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी? फिर रात में जब में उठा तो तब मैंने देखा कि मेरी लुंगी खुली थी, में पूरी तरह नंगा था, मेरे कमरे की लाईट जल रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद में फिर से सो गया, तब कुछ देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरे पास लेटा है और मेरे लंड को सहला रहा है। तब में जाग गया तो तब मैंने देखा कि निशी भाभी मेरे पास बैठी थी और उन्होंने मेरे लंड को पकड़ रखा था।

फिर वो मुस्कुराकर बोली कि आपका लंड तो बहुत मोटा और बड़ा है, में जब लाईट बुझाने आई तो तब मैंने देखा कि आपका मोटा लंड खड़ा होकर मुझे बुला रहा है। तो तब मैंने भी कहा कि निशी आपका दूध का बर्तन भी बहुत बड़ा है, क्या आप मुझे अपना दूध पिलाओगी? तो तब उसने कहा कि क्यों नहीं? ये आपके लिए ही तो है। फिर में पहले उनके करीब जाकर लेट गया। फिर मैंने आहिस्ता से उनके बूब्स पर अपना एक हाथ फैरा और आहिस्ता-आहिस्ता से दबाने लगा था। अब मुझे ऐसा लग रहा था कि वो भी मूड में आ रही थी। फिर मैंने उनकी नाइटी में धीरे से अपना एक हाथ डाला। फिर जब मेरा हाथ उनके सॉफ्ट बूब्स पर गया तो तब उसने अपनी आँखें मूंद ली। अब वो आह, आह करने लगी थी। अब इस दौरान मेरी धड़कने तेज हो रही थी। अब में अपनी उंगलियों से उनके निप्पल को मसलने लगा था। अब मेरे ऐसा करने से वो थोड़ा सा हिलने लगी थी। तब मैंने तुरंत अपना हाथ हटा लिया और अब में उसकी निप्पल को बड़ी तेज़ी से चूसने लगा था।

अब वो आह आह करने लगी थी, लेकिन  कुछ देर के बाद में खुद ही हैरान हो गया, क्योंकि मेरे लंड पर निशी का हाथ था और फिर देखते ही देखते उन्होंने धीरे से मेरे लंड को मसलना शुरू किया। अब मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था। अब उनके ऐसा करने से मुझे भी जोश आ गया था। फिर मैंने उन्हें एड्वान्स में अपनी चैन खोलकर अपना लंड उनके हाथ में दे दिया और उनसे बोला कि लो मसलो मेरे लंड को, तो तब उन्होंने सच में मसलना शुरू किया। अब में तो अपने आपे में नहीं रहा था। फिर हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े निकाले। अब भाभी को नंगी देखकर में बहुत खुश हो गया था और फिर जब उनकी चूत को देखा तो भाभी ने सुबह ही अपनी चूत साफ कर ली थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसकी चूत पर अपना एक हाथ फैरा तो मेरे हाथ में चिकना जूस आया। तब मैंने भाभी से पूछा कि आप चुदासी महसूस कर रही हो क्या? तो तब वो बोली कि बहुत, आज तो प्यारे मेरी जी भरकर चुदाई कर दो। बस फिर मैंने भाभी को अपने दोनों हाथों से उठाया और बेड पर सुला दिया और भाभी के होंठो पर चुंबन करने लगा था। फिर मैंने उनके दोनों बूब्स को अपने हाथों से पकड़कर बहुत प्यार से मसला  और फिर उनकी निप्पल को अपने मुँह में लेकर खूब चूसा। अब तो भाभी बहुत चुदासी हो गयी थी और बोली कि हाए रिंकू भाई अब मेरी चूत चाटो। तब मैंने भाभी की दोनों टाँगे फैलाई और बीच में मेरा मुँह लगाया और उनकी चूत के होंठो को चूसने लगा था। फिर में अपनी जीभ से उनकी चूत का सारा जूस पीने लगा और  मेरी पूरी जीभ उनकी चूत में डाल दी और उनके क्लाइटॉरिस को मेरे दोनों होंठो में लेकर चूसने लगा था। अब तो भाभी पागल हो गयी थी। फिर वो बोली कि रिंकू भाई तुम्हें औरत की चुदाई करना बहुत अच्छी तरह से आता है। फिर मैंने 10 मिनट तक भाभी की चूत चाटी और उनके क्लाइटॉरिस को अपने मुँह में लेकर चूसा तो तब भाभी पहली बार झड़ गयी। अब उन्होंने मेरा सिर अपनी चूत पर दबा रखा था और में उनकी चूत चाटता रहा।

फिर 1 मिनट तक उनका झड़ना चला। फिर भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और प्यार से चूसने लगी थी। अब भाभी चारों तरफ अपना हाथ मेरे लंड पर फैरने लगी थी और मेरा आधा लंड 4 इंच अपने मुँह में ले लिया था। फिर उन्होंने अपनी जीभ से पूरा लीक किया और बोली कि अब मेरी चुदाई करो, में बहुत तड़पती हूँ। तब मैंने भाभी की गांड के नीचे एक तकिया रखा और उनकी दोनों टाँगे फैला दी। फिर मैंने अपने लंड पर बहुत सारा तेल लगाया। फिर जब में अपना लंड नीचे लाया तो तब भाभी ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़कर अपनी चूत के छेद पर रख दिया। तब मैंने धीरे से अपने लंड को उनकी चूत में डालने के लिए प्रेशर दिया तो तब मेरा लंड उनकी चूत में अंदर घुस गया। तभी भाभी की आँखें बड़ी हुई। तो तब मैंने पूछा कि कोई तकलीफ तो नहीं हो रही है ना? तो तब भाभी बोली कि नहीं सिर्फ़ चूत स्ट्रेच हुई ऐसा महसूस हुआ है। तब मैंने और प्रेशर दिया और मेरा आधा लंड उनकी चूत में डाल दिया था।

फिर में भाभी के होंठो पर चुंबन करने लगा और धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करके उनको चोदना शुरू किया और फिर मैंने 4 और धक्के मारे और मेरा पूरा 7 इंच का लंड उनकी चूत में घुसा दिया था।  फिर भाभी ने मेरे कूल्हें पकड़कर मेरे लंड को अपनी चूत में अंदर बाहर करना जारी रखा और बोली कि ठहरो, ऐसे ही चूत में थोड़ी देर रखो, बहुत मज़ा आता है। तब में अपने लंड को उनकी चूत में अंदर बाहर करते हुए थोड़ी देर के लिए रुक गया और उनके बूब्स को मसलने लगा था। फिर  2 मिनट के बाद भाभी बोली कि बस अब जी भरकर मेरी चुदाई करो और फिर में अपना लंड आधे से ज़्यादा अंदर बाहर करने उनकी चुदाई करने लगा। फिर मैंने पूरी 10 मिनट तक उनकी चुदाई की और अब भाभी दूसरी बार झड़ गयी थी। अब वो मुझे टाईट पकड़कर झड़ने लगी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी चुदाई चालू रखी।  फिर 2 मनिट तक भाभी का झड़ना चालू रहा। फिर वो अपने दोनों हाथ बेड पर फैलाकर बोली कि ओह माई गॉड रिंकू भाई, आप तो अजीब के फुकर है, ऐसे कभी तुम्हारे दोस्त ने मुझे कभी नहीं चोदा।

तब मैंने कहा कि भाभी अभी चुदाई ख़त्म नहीं हुई है, मेरा जूस निकलेगा तब ख़त्म होगी। तब भाभी बोली कि हाँ मुझे मालूम है,  बस अपनी भाभी को जी भरकर चोदो, बहुत मज़ा आता है। फिर मैंने मेरा लंड पूरा बाहर निकाल दिया और थोड़ा तेल अपने लंड पर लगाया और फिर से उनकी चूत में वापस डाला। अब तो में लम्बे-लम्बे धक्के मारने लगा था और अब भाभी भी पागल हो गयी थी और बोलने लगी थी कि फाड़ दो मेरी चूत, अपना पूरा लंड अंदर डाल दो। अब मुझे पसीना आने लगा था, तो तब भाभी ने अपना लहंगा लेकर मेरा माथा पोछ लिया और मुझे चुंबन देने लगी थी। फिर पूरे 10 मिनट तक मैंने भाभी की खूब चुदाई की और  बाद में बोला भाभी में आ रहा हूँ। तब  भाभी बोली कि हाँ अंदर ही आ जाओ और फिर में मेरे लंड की पिचकारियाँ उनकी चूत में ही छोड़ने लगा। फिर मैंने 10 गर्म गर्म पिचकारयाँ भाभी की चूत में मारी।

अब भाभी तो बेहोश हो गयी थी और फिर वो भी मेरे साथ में झड़ी और अब उसका पूरा बदन जकड़ने लगा था। फिर  2 मिनट तक हम दोनों का झड़ना चालू रहा। फिर आख़िर में में भाभी के ऊपर लेट गया। अब 2 मिनट के बाद मेरा लंड नर्म होने लगा था। फिर मैंने उठकर मेरा लंड उनकी चूत में से बाहर निकाला। अब मेरा पूरा लंड मेरे और उनके रस से भरा चमक मार रहा था। फिर हम दोनों  बाथरूम में गये। फिर भाभी टॉयलेट करने बैठी और मेरा रस निकालने लगी थी। फिर भाभी बोली कि रिंकू भाई तुम्हारा रस तो देखो दूध की तरह आधा  कप निकला है और तुम्हारा दोस्त तो एक चम्मच ही निकाल पाता है। फिर मैंने अपना लंड साबुन से धोया और फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन  लिए। फिर मैंने भाभी को अपनी बाँहों में लेकर बहुत जोर से चुंबन किया। तब निशी भाभी ने प्यार से मुझे चुंबन दिया और बोली कि थैंक्स फॉर चुदाई, अब तो में तुम्हारे पास ही अच्छी तरह से चुदवाऊंगी। फिर हम दोनों एक ही बिस्तर पर नंगे सो गये ।।

धन्यवाद …

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