प्रेषक : शालिनी
हैल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम शालिनी है और में एक नई कहानी लेकर आपके सामने हाजिर हूँ। में 41 साल की हूँ और मेरा साईज़ है 38-30-42 में एक बहुत बड़ी चुदक्कड़ रंडी हूँ। मुझको बड़ा यानी कि 8 इंच से लंबा लंड बहुत पसंद है। ये बात करीब 3 साल पहले की है उस टाईम में दिल्ली में रहती थी। मेरे साथ मेरे पति और मेरे दो बच्चे रहते थे। वो एक तीन मंज़िला मकान था और हम लोग 2nd फ्लोर में रहते थे। मेरे पति एक बिजनेसमेन थे और वो अक्सर बिजनेस टूर पर घूमते रहते थे घर पर में और मेरे दो बच्चे अकेले रहते थे। दिन में बच्चो का स्कूल था और वो दोनों दोपहर को स्कूल से आते थे। आपको तो मैंने बता ही दिया है कि मुझे सेक्स करना बहुत ज़्यादा पसंद है और मेरे पति मुझे सेक्स का सुख नहीं दे पा रहे थे इसलिए में अपनी चूत में उंगली, बैंगन, कैला और मोमबत्ती डाल कर काम चला लेती थी।
हमारे घर का टॉप फ्लोर बहुत दिन से खाली पड़ा हुआ था। उसमे एक दिन एक सरदार जी रहने आए। वो दिखने में बहुत लंबे और हेंडसम भी थे और उनकी उम्र करीब 37 साल की होगी। उनके रहने के 4-5 दिन के बाद जब में अपने बच्चो को स्कूल छोड़ने के लिए नीचे जा रही थी तभी वो भी दूध लेने के लिए नीचे जा रहे थे। तभी वो मुझे देखकर हाय बोले और फिर मैंने उनको देखकर थोड़ी सी स्माईल दी और हैल्लो कहा। फिर वो मुझसे बोले कि मेरा नाम मनप्रीत है और फिर मैंने भी अपना नाम बता दिया। फिर उस दिन हम दोनों का अच्छे से परिचय हुआ। फिर धीरे धीरे हम दोनों के बीच में बातचीत बड़ने लगी हम दोनो के बीच में डेली सुबह मुलाकात होती थी।
फिर एक दिन सन्डे को में अपने कपड़े लेने छत के ऊपर जा रही थी तो देखा कि छत के ऊपर वो सरदार आगे मुहं करके बैठे है और मेरी पेंटी उनके हाथ में है। फिर में जाकर उनके पीछे खड़ी हो गयी और वहाँ जो कुछ हो रहा था देख कर दंग हो गयी। वो सरदार का बच्चा अपने मुहं में मेरी पेंटी को रखकर एक हाथ से अपने लंड को मेरा नाम लेकर हिला रहा था। में तो इतना बड़ा 8 इंच का लंबा लंड देख कर वहीं खड़ी हो गई। वो तो अपना लंड हिला रहा था और यहाँ मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर मेरा गला सूखे जा रहा था और मेरी पेंटी पूरी गीली हो गयी थी।
तभी में अपने आपको और कंट्रोल कर नहीं पाई और वहाँ से सीधा भागकर अपने घर पर चली आई। फिर कमरे में आकर मैंने अपनी पेंटी उतार दी और किचन से एक पतला और बड़ा वाला बेंगन लेकर अपने बेडरूम में चली गयी। फिर बेडरूम का दरवाजा बंद किया और में एक हाथ से अपने बूब्स दबाने लगी और एक हाथ में बेंगन पकड़ कर अपनी चूत मे अंदर बाहर घुसाती रही। तभी थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकल गया और उस दिन मैंने कम से कम 6-7 बार अपनी चूत में उंगली और बेंगन डालकर पानी निकला लेकिन उससे मेरा मन और तन शांत नहीं हुआ।
फिर में वो सरदार से चुदवाने के लिए तैयार हो गई लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। फिर एक दिन मेरे घर में कोई नहीं था। में भी उससे चुदवाने की योजना बनाने लगी। फिर मैंने उस दिन रात को उसे डिनर पर अपने घर पर बुलाया और फिर मैंने एक काले कलर की पारदर्शी मैक्सी और अंदर सफ़ेद ब्रा और पेंटी पहनी थी। फिर ब्रा में अपने बूब्स को ऐसे बांधकर रखा था कि जैसे वो दोनो बाहर आने के लिए तरस रहे हैं। फिर रात को 9 बजे उसने मेरी डोरबेल बजाई और फिर में अच्छी तरह से मेकअप करके बैठी थी। तभी मैंने जाकर दरवाजा खोला तो देखा कि वो अपनी पंजाबी ड्रेस में आया है। फिर मैंने उसको वेलकम किया और अंदर आने को कहा। तभी सरदार आकर मेरे सोफे पर बैठा और फिर मैंने किचन से एक गिलास लस्सी लाकर उसको दी।
तभी सरदार लस्सी पीने लगा और फिर इधर उधर की बातें हो रही थी। तभी बातों बातों में मैंने उससे उसकी फेमिली के बारे मे पूछा तो वो बोला कि उसने अभी तक शादी नहीं की है। फिर करीब आधे घंटे बाद हम लोग डिनर के लिए बैठ गये और फिर में उसको खाना सर्व कर रही थी और जानबूझ कर उसके सामने ज़्यादा झुक रही थी जिससे उसको मेरे बूब्स अच्छे से दखाई दें। फिर जब में उसको पानी दे रही थी तो जानबूझ कर पानी उसके ऊपर गिरा दिया और फिर उसकी ड्रेस पूरी भीग गई। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
तभी मैंने उसको बोला कि आप ड्रेस चेंज कर लो वो मान गया और मैंने उसको एक टावल दिया चेंज करने के लिए। वो कपड़े चेंज करके खाना खाने बैठा फिर वो बार बार मेरे ऊपर नज़र डाल रहा था। मैंने नोटीस किया कि उसका लंड पूरा खड़ा हो गया है। फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसकी जांघ के ऊपर रख कर सहला दिया इससे वो पूरा चौंक गया और फिर मेरी तरफ़ देखने लगा।
तभी मैंने उसको देखकर एक नॉटी स्माईल दी और तभी उसने मुझे पूरे जोश में अपनी बाँहों में ले लिया। फिर वो मेरे चहरे को होंठो को किस कर रहा था और एक हाथ से मेरे बूब्स दबा रहा था। फिर में आगे घूम गई थी और वो मेरे पीछे खड़ा होकर मेरे बूब्स दबा रहा था। फिर मैंने अपने हाथ पीछे लाकर टावल के अंदर डाल दिये बाप रे बाप उसका लंड कितना गरम और तगड़ा था जैसे कि वो मेरी चूत को फाड़ डालेगा। फिर में भी पलटी और उसको चूमने लगी और उसके साथ लिप किस करने लगी।
तभी मुझे बहुत मज़ा आ रहा था फिर ऐसे ही 10-15 मिनट के बाद सरदार ने मेरे कपड़े खोल दिये और फिर मैंने भी उसका टावल खोल दिया। फिर हम दोनो सीधे बेड पर चले गये वहाँ सरदार मुझे अपनी गोद में बैठाकर मेरे आम जैसे रसीले बूब्स अपने मुहं में डालकर जोर जोर से चूस रहा था। तभी इधर मेरी चूत में पूरी तरह हलचल मच रही थी लेकिन कुछ देर के बाद सरदार बोला कि चलो चोदने से पहले थोड़ा खाली करके आते है। फिर वो मुझे अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया। फिर वो मेरी चूत पर अपना लंड लगाकर रख दिया और फिर पेशाब करने लगा और फिर मुझे बोला कि तुम भी मेरे लंड के ऊपर पेशाब करो। फिर मैंने भी पेशाब किया और हम दोनों फिर बेडरूम में आ गए फिर हम दोनो 69 पोज़िशन में आ गए। वो मेरी चूत चाट रहा था और में उसका लंड अपने मुहं में लेकर चूस रही थी।
फिर कुछ देर के बाद वो मेरे मुहं में ही झड़ गया और उसी बीच मे 4 बार झड़ चुकी थी। फिर वो मुझे बोला कि तुम अपने दोनों पैरो को हवा में पकड़ कर बेड पर लेटी रहो। फिर में वैसे ही लेट गया और फिर उसने अपना 8 इंच का लोहे जैसा लंड मेरी चूत में एक जोरदार धक्के के साथ डाल दिया। फिर लंड मेरी चूत को चीरता हुआ आधा घुस गया और में रो पड़ी। तभी सरदार थोड़ा सा रुक गया और फिर दो चार मिनट के बाद वो थोड़ा धीरे धीरे लंड को चूत के अंदर बाहर करने लगा। तभी मुझे थोड़ा सा आराम हुआ तो फिर उसने एक और जोर का झटका दिया और पूरा का पूरा लंड जाकर मेरी चूत की आखरी दीवार से टकराया। तभी में तो ज़ोर से चीख पड़ी और सरदार को बोली कि मदारचोद तू क्या मुझे आज मार डालेगा? तभी सरदार बोला कि साली रंडी मुझसे चुदवाने के लिए डिनर पर बुलाया है और बोल रही है कि मुझे आज मार डालेगा। तभी उसने धीरे धीरे मुझे चोदना शुरू किया और फिर अब मुझे भी मज़ा आने लगा।
तभी मैंने उसको बोला कि मदारचोद तेरी माँ की चूत नहीं जो तू धीरे धीरे चोद रहा है यह मेरी चूत है चोद और ज़ोर से चोद फाड़ डाल मेरी चूत को, तेरे लंड से भोसड़ा बना दे। तभी वो बोला कि साली रंडी रुक में अभी तुझे मज़ा चखाता हूँ अभी में तुझे कुतिया बनाकर चोदुंगा और वो मुझे चोदता रहा और में आआईइ वोह इसस्सस्स चोद फाड़ डाल मेरी चूत खुजली मिटा दे। फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरी चूत में ही झड़ गया। फिर उस दिन में 3 बार चुदी और 1 बार गांड भी मरवाई। उस सरदार ने मुझे पूरी तरह चुदना सिखा दिया। वो हर बार एक नये तरीके से मुझे चोदता। कभी घोड़ी बना कर तो कभी टेबल पर तो कभी हवा में, उसने कई तरह से मुझे चोदा और में भी 2 साल तक उससे नॉन स्टॉप चुदवाती रही ।।
धन्यवाद …