प्रेषक : नितिन
नमस्कार दोस्तोमेरा नाम नितिन में आप सभी का दोस्त ये मेरी पहली कहानी है। में आशा करता हूँ की आप सभी को ये कहानी पसंद आएगी। सबसे पहले में आप सभी को अपने बारे मे बता दूँ कि में एक सीधा साधा 6 फुट का लड़का हूँ। मेरी उम्र 22 साल की है और मेरा लंड 9 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है। में हरियाणा का रहने वाला हूँ। हाँ तो सभी लंड वाले दोस्तो और चूत वाली लडकियों तैयार हो जाओ अपना अमृत अपने ही हाथ से निकालने के लिए। ये बात आज से 6 महीने पहले की है जब में और मेरे चार दोस्त यूनिवर्सिटी में पड़ाई करते थे।
एक दिन हम सभी लोग एक दुकान पर समोसे खाने के लिए बैठे थे। तभी वहाँ पर एक आंटी ज़िनकी उम्र कोई 30 साल होगी वहाँ आई और बैठ कर चाय पीने लगी। कसम से दोस्तो क्या बताऊँ क्या मस्त माल थी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी वो। अब मेरा तो उसे देखकर लंड ही खड़ा हो गया और उसे सलामी ही दिए जा रहा था और बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था। तभी मैने उस पर लाइन मारना शुरू कर दिया और उसकी तरफ से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला था और कुछ ऐसे ही चलता रहा यही कोई 20 मिनट बाद वो उठ कर वहां से चलने लगी तो हम सब भी उसके पीछे चल दिए तब में जा कर एक ऑटो में बैठ गयाऔर वो भी उसी ऑटो में मेरे साथ ही बैठ गई ऑटो थोड़ी दूर चला तो मैने हिम्मत करके अपना हाथ उसकी कमर पर रखा तो उसकी तरफ से कोई विरोध ना करने पर मेरी हिम्मत बढ़ी और मैने उसके मोटे मोटे कूल्हे सहला दिए तब उसने मुझे कहा की हम बस स्टेड पर उतरते है और में भी वहाँ उसके साथ उतर गया और मैने अपने दोस्तो को मैसेज करके वहाँ पर बुला लिया था। तब उसने मुझसे कहा कि में तुम्हारे इतने सारे दोस्त नहीं बस तुम मेरे साथ कर लेना जो भी तुम्हे करना है। मैने कहा कि तुम डरो नहीं हम सब मिल कर तुम्हे पाँच गुना मजा देंगे।
अब मेरे थोड़ा मानने पर वो मान गई और हम सब बहुत खुश हुए थे। तभी उसने कहा की चलो पास मे ही मेरा घर है वहाँ चलते है। तो मैने कहा की तुम्हारे घर पर कोई नहीं है क्या? वो कहने लगी की उसका पति तो विदेश मे रहता है और उसका बेटा बाहर पढ़ता है। फिर में अपने दो दोस्तो को कंडोम लेने के लिये भेज़ ही रहा था की वो बोली की उसके पास कंडोम है तो मैने पूछा की कितने है तो वो बोली की 10 पड़े है तभी मेरा एक दोस्त बोला की इतने से क्या होगा मेरी जान ये तो थोड़ी ही देर मे खत्म हो जाएँगे तभी वो बोली की क्योंऔर तुम्हारा क्या इरादा है और हम जब सुनकर हँसने लगे तो वो भी मुस्कुराने लगी तभी मेरे दोस्त कंडोम लाने के लिये जाने लगे तो मैने कहा की तुम कंडोम तो लाओगे साथ में एक बियर और स्नेक्स भी लेकर आना उसके बाद हम सब उसके डाइनिंग रूम मे बैठ गये और बातें करने लगे। लेकिन अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैने उसे अपने सोफे पर बुलाया और तभी वो मेरे और हरीश के बीच मे आ कर बैठ गई और में उसके गाल पर और होठों पर किस करने लगा और हरीश उसके मोटे मोटे बूब्स से खेलने लगा आधे घंटे की चूमा चाटी के बादमैने हरीश से कहा की उन तीनो को गये हुए बहुत देर हो गई है चल इतने हम एक बार चुदाई कर लेते है तभी वो बोली की नहीं पहले में सिर्फ़ तुम्हारा ही अकेले का लंड लेना चाहती हूँ। तभी हरीश बोला की लगता है की इसे तुझसे प्यार हो गया तू जा ओर इसे जा कर लंड दे इसकी तमन्ना पूरी करदे हम तो बाद मे भी अपने मन की पूरी कर लेगे तो में उसे गोद मे उठा कर उसके बेडरूम मे लेकर गया और अंदर से लॉक कर लिया और में जाकर उसके ऊपर टूट पड़ा। उसके गालो पर किस करने लगा स्मूच मारने लगा।
फिर मैने धीरे से उसकी साडी का पल्लू निकाला और ब्लाउज के ऊपर से ही उसके बूब्स को प्रेस करने लगा। वो भी सिसकियाँ भर रही थी आआहह इसे और जोर से दबाओ। मैने फिर उसकी साडी और ब्लाउज भी उतार दिया क्या ग़ज़ब लग रही थी यार वो कसम से पिंक ब्रा और पेंटी मे। तभी फिर वो बोली की अकेले मुझे ही नंगा करोगे या खुद भी कुछ उतारोगे तो मैने बोला की तुम खुद ही उतार दो तभी उसने मेरी जींस टीशर्ट ऊतार फेंकी और मेरे खड़े लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही हाथ मे लेकर बोली ये तो कितना मोटा और लंबा है ये तो आज मेरी चूत फाड़ डालेगा तभी मैने उसके बूब्स दबाते हुए कहा की मज़े भी तो यही देगा। फिर मैने उसकी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी और उसने मेरे बाकी कपड़े भी निकाल दिये अब हम दोनो बिल्कुल नंगे पडे थे। मैने उसकी चूचियां चूसनी शुरू की और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा। करीब 15 मिनट चूसने के बाद में चूत की और बढ़ने लगा तब में उसकी चूत के पास पहुंचा तो क्या चूत थी यार उसकी एक दम स्वर्ग के गेट की तरह।
दोस्तों में तो पागलो की तरह उसकी गीली चूत को चाटने लगा वो मदहोश हो रही थी। चूसो और जोर से इसे पी जाओ इसका पूरा अमृत और जोर से फिर मुझे लगा की उसका शरीर अकड़ने लगा है और करीब 20 मिनट के बाद वो झड़ गई और में उसका सारा पानी पी गया और उसकी चूत चाट कर साफ कर दी। फिर वो बोली की मुझे भी अपना अमृत नहीं पिलाओगे क्या? तो में बोला क्यों नहीं तो उसने मेरे लंड पर किस किया और लंड को मुहं मे लिया और चूसने लगी थोड़ी देर मे उसने मेरा पूरा का पूरा लंड मुहं मे ले लिया था।
मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था और वो लॉलिपोप की तरह मेरे लंड को मुहं मे अंदर बाहर करने लगी में स्वर्ग की सैर कर रहा था और अचानक मेरे लंड से एक पिचकारी छूटी और मैने अपना सारा वीर्य उसके मुहं मे छोड़ दिया और वो सारा पी गई और वो बोली की अब रहा नहीं जाता प्लीज मुझे चोदो में अब और नहीं रह सकती जल्दी डालो तुम्हारा लंड मेरी चूत में और सच मे मेरा भी यही हाल था मेरा लंड एक बार झड़ने के बाद भी पहले की तरह ही खड़ा था। तभी मैने उसे बेड पर लिटाया और उसकी टाँगे अपने कंधों पर रख कर अपने लंड का मुहं उसकी चूत पर अड़ा दिया था।
तभी वो बोली की नितिन मेरी जान थोड़ा धीरे धीरे करना मेरे पति का लंड बहुत ही छोटा है और तुम्हारा हद से ही ज़्यादा बड़ा तो मैने कहा की तुम चिंता मत करो आज तुम्हारी सुहगरात मना के ही बाहर जाऊंगा और वो हंसने लगी। फिर मैने एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का मुहं अंदर गया और वो बोली की बस इतना ही दम है क्या? तो मुझे तोड़ा गुस्सा और थोड़ा जोश आया और मैने दम लगा कर एक और झटका मारा इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड चूत के अंदर चला गया और चीख उठी मार डाला कमीने ने फाड़ दी मेरी चूत को निकाल जल्दी से अपना लंड मेरी चूत से जल्दी से।
तब मैने कहा ले रंडी अभी रुक निकालता हूँ लंड को और तभी में धीरे धीरे घक्के लगा कर उसे चोद रहा था और थोड़ी देर के बाद उसे भी मज़े आने लगे और वो भी मेरा साथ देने लगी अपनी गांड उछाल उछाल कर और वो कहने लगी की चूत तो तूने मेरी फाड़ दी अब क्यों धीरे हो गया अब तो थोड़ा जोर से चोद मेरी चूत की खुजली मिटा दे आज अब मुझे ओर जोश आया तो मैने स्पीड और बड़ा दी खून भरी चूत चोदने में बहुत मजा आता है चूत कुछ देर के बाद सकड़ी हो जाती है और लंड टाईट हो जाता है। चूत में इस चुदाई से उसे बहुत दर्द हुआ था लेकिन वो तो मजे लेने में मस्त थी और करीब आधे घंटे के बाद मैने अपने लंड की पिचकारी उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दी और वो भी मेरा साथ देते हुए झड़ गई। वो बिल्कुल थकी हुई लग रही थी लेकिन मेरा मन अभी भी नहीं भरा था मैने उसे अपना लंड मुँह मे ले कर खड़ा करने को कहा तो उसने बोला कि अब क्या इरादा है।
तो मैने कहा की आज मुझे तुम्हारी गांड भी मारनी है तभी वो तोड़ा सहम गई और कहने लगी नहीं मेरे राजा ऐसा मत करना मेरी गांड तो अभी तक बिल्कुल कुँवारी है मेरे पति ने भी आज तक मेरी गांड नहीं मारी तभी मैने कहा की बाहर जो चार शेर बैठे है वो तो तुम्हारी चूत के साथ गांड भी मारेंगे तो इससे अच्छा है की पहले में ही गांड मार लूँ और थोड़ा मानने पर वो मान गई और रूम मे पड़ी वैसलीन उसने मेरे लंड पर अच्छे से मसल दी और अपनी गांड पर भी लगा ली और फिर मैने उसे घोड़ी बनाया और अपना लंड उसकी गांड के छेद पररखा और उसके बूब्स दबाने लगा और एक ज़ोरदार धक्का मारा लेकिन लंड उसकी गांड मे जाने को तैयार नहीं था। तभी मैने उसको कहा कि तुम अपने दोनों हाथो से गांड को चौड़ा करो और फिर उसने गांड को चौड़ा किया में और मैने लंड को गांड पर रख कर जोर से एक धक्का मारा लंड गांड में चला गया लेकिन वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई मैने उसके मुहं पर अपना हाथ लगा लिया और लंड को आगे पीछे कर के उसकी गांड मारता रहा। शायद वो लंड को गांड में नहीं झेल पा रही थी अब तो उसकी अवाज भी कम हो गई थी में मारता रहा और अब में झड़ने वाला था तभी मैने देखा की वो अपना होश खो रही थी मैने जल्दी से अपना वीर्य गांड में निकाल दिया और में चुप चाप लेट गया। अभी तक लंड गांड में ही था फिर मैने लंड को गांड से निकाला तो देखा वो बेहोश हो गई थी।
में थोड़ा डर गया और सोचने लगा की अब क्या करूं तभी मैने पानी लाकर उसके मुहं पर डाला तो उसे होश आ गया और बोलने लगी की तुम आराम से क्यों नहीं करते। में क्या कहीं भागी जा रही हूँ। तो मैने उसे दोबारा घोड़ी बनाया और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा थोड़ी देर मे वो भी बोलने लगी अभी तो गांड मारी थी फिर से इतना जोश कहाँ से आया मैने कहा तुम्हारी गांड को देखकर और में इस बार 10 मिनट में उसकी गांड मे ही झड़ कर उसके ऊपर पड़ गया वो बोली की आज तो तूने मुझे अपनी दीवानी बना लिया अब तो में हमेशा तेरे ही लंड से चुदवाया करूँगी। इतने मे दरवाजा बजा बाहर मेरे दोस्त मुझे बुला रहे थे। वो कहने लगी में उनका लंड अगली बार लूंगी तुम जा कर बोल दो ठीक है। मैने बाहर आकर दोस्तों को बहुत समझाया वो बहुत देर के बाद मान गये और हमने वहाँ पर बहुत मजे किये और सभी अपने घर चले गये। तो दोस्तों कैसी लगी ये कहानी मुझे जरुर बताये।
धन्यवाद …