चूत तो चाटनी ही पड़ेगी

प्रेषक : गुमनाम …
हैल्लो दोस्तों.. में एक बार फिर से कामुकता डॉट कॉम पर अपनी एक सच्ची और एकदम नयी कहानी लेकर आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को बहुत पसंद आएगी। यह कहानी मेरी मौसी की है और वो हमारी दूर की रिश्तेदार है। वो एक दिन हमारे घर पर कुछ दिनों के लिए आई हुई थी। उनका नाम वीना था और वो मेरी मम्मी की दूर के रिश्ते से बहन लगती थी। वो हमारे घर पर अकेली ही आई थी और वो दिखने में कुछ ज्यादा ख़ास सुंदर नहीं थी और उनका रंग भी सांवला था लेकिन उनके बूब्स बहुत ही अच्छे आकार के और हमेशा ब्लाउज से बाहर निकलने को तैयार रहते थे। गांड का भी यही हाल था ज्यादा बड़ी ना होकर भी हमेशा मटकती रहती थी और उनके पेट पर एक बहुत गहरी नाभि थी.. वो भी बहुत सेक्सी लगती थी और उनके जिस्म को चार चाँद लगाया करती थी और उनकी उम्र करीब 25–26 साल थी.. यानी कि वो मुझसे दो साल ही बड़ी थी।
फिर जब वो हमारे यहाँ पर आई तो मैंने उनके बारे में कभी कुछ ग़लत नहीं सोचा था.. वो रात को सोते समय मेरे और मेरी बहन के साथ रूम पर ही सोया करती थी और करीब दो तीन दिन के बाद जब हम रात को सब सो रहे थे तो में पानी पीने के लिए उठा तो जो मैंने देखा वो में देखकर एकदम चोंक गया। वीना ने सोते समय मेक्सी पहनी हुई थी और उसके नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था और फिर वो गहरी नींद में सोते सोते ऊपर तक चढ़ गयी थी और उसने अंदर पेंटी भी नहीं पहन रखी थी जिसकी वजह से मुझे उनकी जांघे और चूत के दर्शन हो गए और यह सब देखकर तो मेरी नींद उड़ गई और मेरा लंड एकदम खड़ा होकर उनकी चूत को सलामी देने लगा और उसकी चूत में घुसने के लिए मचलने लगा लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई.. क्योकि रिश्तेदारी की बात थी और फिर में क्या करता? बाथरूम में जाकर एक बार उनके नाम की मुठ मारकर सो गया और अब दिन रात उसकी वो नंगी चूत ही मेरी आखों के सामने घूमती रहती थी। फिर वो जैसी भी होती.. लेकिन मुझे हमेशा नंगी ही दिखाई देती थी और मेरा व्यहवार एकदम चेंज हो गया था और में हमेशा उसे छूने के बहाने ढूंढने लगा था।
फिर एक दिन पापा अपने काम पर चले गए और उसी दोपहर को मम्मी मेरी छोटी बहन के साथ पास ही में किसी के घर पर कीर्तन में चली गयी और अब हम दोनों ही घर पर अकेले थे। तो हम दोनों बैठकर टीवी देख रहे थे और वो आकर मेरे एकदम नज़दीक बैठ गयी और मुझे घूरने लगी और फिर उसने मुझे अजीब तरीके से देखकर कहा कि में दो तीन दिन से ध्यान दे रही हूँ कि तुम्हारा व्यहवार मेरे लिए एकदम बदल गया है और तुम बहुत ही अजीब सी नजरों से मुझे देख रहे हो और मुझे बार बार छूने की कोशिश करते हो और वो भी ग़लत ग़लत जगह पर। में कुछ समझ नहीं पा रहा था कि यह सब क्या हो रहा है फिर वो बोली कि क्या में मम्मी, पापा से तुम्हारी शिकायत कर दूँ? तो उनकी इन सब बातों से में ज़रा सा डर गया.. लेकिन फिर मैंने सोचा कि अगर उसे शिकायत ही करनी होती तो वो कभी की कर चुकी होती और आज जब हम दोनों अकेले हैं तो वो मुझसे यह सब कुछ बातें क्यों कर रही है? तो मैंने भी थोड़े गुस्से में उससे कहा कि यह सब तो मुझे चूत दिखाने से पहले सोचना चाहिए था और अब क्या में भी मम्मी, पापा को बता दूँ कि तुम हमारे साथ नंगी सोती हो और अपनी चूत दिखाती फिरती हो। फिर मेरे मुहं से यह सब बातें सुनकर वो ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और कहा कि में यही देखना चाहती थी कि तेरी गांड में कितना दम है.. आजा आज में तुझे प्यार का असली मतलब समझाती हूँ मेरे राजा.. अब तू तैयार हो जा। तो में उसके मुहं से यह सब शब्द सुनकर बहुत हैरान था लेकिन क्या फर्क पड़ता है और मैंने कहा कि अब आप मुझसे क्या चाहती है? मम्मी, पापा के पास चलना है या फिर बेडरूम में.. तो वो मुस्कुराई और मेरे पास आकर अपने हाथ मेरे हाथ पर रख दिए और वो काफ़ी देर तक मेरे हाथों को किस करती रही और फिर मेरा हाथ अपने हाथ में लेकर अपनी पेंटी में डाल दिया और अपनी चूत तक ले गयी।
तभी मैंने भी अपने हाथ को थोड़ा आगे बड़ाकर महसूस किया कि साली की चूत एकदम गरम और गीली हो चुकी थी और कुछ देर तक उसकी चूत को रगड़ने के बाद वो घुटनों पर बैठ गयी और मेरी पेंट की चेन खोलकर लंड महाराज को बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने, सहलाने लगी। फिर कुछ देर के बाद उसने लंड को अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी।
दोस्तों यह मज़ा में पहली बार ले रहा था और लड़कियाँ तो मैंने बहुत चोदी थी लेकिन मेरे लंड को कोई भी अच्छे तरीके नहीं चूसती थी और फिर कुछ देर चूसने के बाद मेरे लंड ने अपना पानी उसके मुहं में छोड़ दिया और वो उसे भी पी गयी और मेरे लंड को कुतिया की तरह चाट चाटकर एकदम साफ कर दिया। तो मैंने उससे पूछा कि क्या कभी कामसूत्र की ट्रैनिंग ली है? वो मुस्कुराते हुए उठी और बाथरूम की तरफ चली गयी.. कुछ देर के बाद वो आई.. तो मेरी आखें खुली की खुली रह गयी क्योंकि वो बाथरूम से अपने सारे कपड़े उतारकर एकदम नंगी बाहर आई। वाह क्या जिस्म था साली का एकदम हॉट, मस्त, सेक्सी और उसके बूब्स इतने बड़े थे कि उसमे ना जाने कितना रस भरा है फिर वो मेरे पास आकर बोली कि देखता क्या है.. यह सब तेरे ही लिए है? उसके मुहं से यह शब्द मुझे बहुत ही अच्छे.. लेकिन बहुत अजीब भी लग रहे थे। फिर मैंने उसके दोनों बूब्स को पकड़कर दबाने शुरू कर दिए और मुझे उसके बूब्स को दबाने, चूसने और काटने में बड़ा मज़ा आ रहा था। प्यार का असली मज़ा में उसके बूब्स को चूसकर ले रहा था और वो मेरे लंड को रगड़ रही थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर वो मुझसे कहने लगी कि अब में उसकी चूत को चाटकर, चूसकर देखूं। मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था क्योंकि मैंने इससे पहले कभी किसी की चूत नहीं चाटी थी। तो मैंने उससे साफ मना कर दिया.. तो उसने मुझसे कहा कि प्यार का पूरा मज़ा लेना है तो मेरी चूत चाटनी ही पड़ेगी। फिर में उसके कहने पर तैयार हो गया और वो अपने दोनों पैरों खोलकर लेट गयी और मैंने जैसे ही अपनी जीभ चूत की तरफ बड़ाई तो उसका स्वाद बड़ा ही अजीब सा लगा और मैंने हल्के से जीभ से चूत को छुआ। तो उसने कहा कि चूत तो चाटकर साफ करनी ही पड़ेगी? और मैंने फिर चूत को चाटना शुरू कर दिया और मुझे कुछ देर के बाद मज़ा आने लगा और में चूत को चाटता रहा। फिर दो तीन मिनट तक चूत चाटने के बाद उसने कहा कि अब में चुदने के लिए तैयार हूँ और अब तक करीब एक घंटा हो चुका था और हम सिर्फ़ सेक्स ही कर रहे थे और में उठकर अलमारी की तरफ गया और कंडोम ढूंढने लगा लेकिन वो पैकेट खाली था। तो मैंने कहा कि में अब तुम्हे कैसे चोदूं? कंडोम ही नहीं है और बिना कंडोम के में रिस्क नहीं ले सकता। तो वो उठकर अपने बेग के पास गयी और कंडोम के पूरा पैकेट लेकर आ गयी और उसमे दो तीन तरह के कंडोम थे और उसमे से उसने एक एक्सट्रा टाईम वाला कंडोम मुझे दिया.. जिसे मैंने अपने लंड पर पहन लिया और वो अपने दोनों पैरों को फैलाकर लेटी हुई थी और में उसे चोदने के लिए बेकरार था। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धीरे से धक्का देकर उसकी चूत में डाला और धीरे-धीरे से धक्का लगाने लगा। तो उसने मेरा लंड पकड़कर ज़ोर से दबाया और कहने लगी कि क्या लंड में जान नहीं है? इतने धीरे धीरे क्यों चोद रहा है कुछ अपनी स्पीड बड़ा। तो में अब ज़ोर-ज़ोर से धक्के देकर उसे चोदने लगा और 15-20 मिनट तक में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारता रहा.. लेकिन लंड साला झड़ा ही नहीं और मैंने उससे कहा कि में थक गया हूँ अब में ज़ोर-ज़ोर से नहीं कर सकता।
तो उसने मुझे धक्का देकर नीचे लेटा दिया और मेरे ऊपर बैठ गयी और उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़कर चूत में डाला और मेरे लंड पर उछलने लगी और अब मुझे ऐसा लग रहा था कि वो तो एक रांड की तरह से सेक्स कर रही है और कुछ देर के बाद में झड़ गया और उसने मेरे लंड को चूत से बाहर निकाला और मेरे पास आकर लेट गयी। तो मैंने उसकी तरफ देखते हुए कहा कि क्या में एक सवाल पूछूँ? तो उसने कहा कि मुझे पता है कि तुम क्या पूछना चाहते हो? फिर उसने मुझे बताया कि वो एक रंडी है जो एक रात का 15 से 20 हजार चार्ज लेती है और इसलिए उसने मुझसे चुदाई करवाई.. क्योंकि में उसे अच्छा लगा और वो एक महीने में 6-7 बार सेक्स करती है और 70–80 हज़ार रुपये तक कमा लेती है और फिर उसने मुझसे यह वादा लिया कि में यह बात किसी को नहीं बताऊंगा.. लेकिन मैंने उससे कहा कि एक शर्त पर अगर वो मुझे उसकी एक बार गांड भी मारने का मौका देगी।
तो वो ज़ोर से हँसी और बोली कि कुछ दिन रुक जा.. आज तेरा लंड बहुत थक चुका है और गांड मारने के लिए बहुत ताकत चाहिए और अगर तुझे एक बार फिर से चूत मारनी है तो मार ले.. लेकिन थोड़ा जल्दी मारना इससे पहले कहीं तेरी मम्मी, दीदी ना आ जाए। तो मैंने जल्दी से दूसरा कंडोम लिया.. जो नॉर्मल था और फिर से लंड पर चड़ाकर उसे चोदा। इस बार वक़्त से पहले ही मेरा लंड झड़ गया.. लेकिन मुझे उस दिन बहुत मज़ा आया और उसके बाद हम पता नहीं कितनी बार मिले और हर बार नये नये तरीकों से चुदाई का मज़ा लिया और उसने कुछ दिन में ही मुझे सब कुछ सिखा दिया ।।
धन्यवाद …
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