सेक्सी औरत मेरी सास बनी

प्रेषक : युसुफ
हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम युसुफ ख़ान है और मेरी उम्र 28 साल है और मुझे हमेशा से ही बड़ी गांड वाली औरते बहुत पसंद है। रास्ते में कोई भी 35-40 साल की खूबसूरत बड़ी गांड वाली औरत दिखती तो में उसकी हिलती हुई गांड को देखता था और मन ही मन उसकी गांड मार लेता हूँ। फिर दिन ऐसे ही बीत रहे थे। तभी मैंने एक दिन सोचा यार कब तक ऐसे मुठ मारता रहूँगा क्यों ना कोई मस्त 35-40 साल की खूबसूरत औरत को फसां लूँ जिसकी गांड बड़ी सेक्सी हो जो चलते समय गांड मटका मटका कर चलती हो और जिसे देखते ही अच्छे अच्छो के लंड खड़े हो जाए और जिसकी बेटी भी खूबसूरत हो कमसिन हो उसकी उम्र 18-19 साल की हो ताकि आगे चलकर उसे भी चोदने का मौका मिले।
फिर में हमेशा इसी सोच में डूबा रहता था। फिर रोज जब ऑफीस से घर आता तो दोस्तों के साथ बातचीत करने के लिए पास ही के एक ऑटो स्टेण्ड के पास जाता हूँ। फिर हम सब लोग वहाँ पर चाय और सिगरेट पीते पीते बातें करते है और हमारे एरिया में सभी भाषा के लोग रहते है एक अच्छे लोगों का एरिया है उँची उँची बिल्डिंग है मतलब ये समझ लीजिए की लोगों की चहल पहल रास्ते में बहुत होती है और मार्केट में बहुत भीड़ भाड़ होती है। मेरे सारे दोस्त खूबसूरत लड़कियों पर नज़र मारते थे और में भी लेकिन मुझे बड़ी उम्र की औरतो की गांड पर नज़र मारने की आदत पढ़ गयी है। फिर एक दिन मैंने सोचा कि गुजराती औरते 35-40 के बाद काफ़ी मस्त हो जाती है और साड़ी भी इस तरह पहनती है कि जब मार्केट जाती है तो उनकी मस्त सेक्सी गांड बाहर की तरफ उठी हुई लगती है और कुल्हे हिलते है और उनकी बेटियाँ भी बहुत मस्त होती है।
फिर में जिस सेक्सी औरत की तलाश में था वैसी ही एक औरत मुझे किस्मत से दिखाई दी.. उसकी लगभग 37 साल की उम्र थी। क्या सेक्सी गांड थी उसकी और साथ में उसकी एक लगभग 19 साल की बेटी थी.. उसने जिन्स और टी-शर्ट पहनी थी.. वो मार्केट से घर जा रहे थे। तभी मैंने सोचा कि क्यों ना पीछा करके देखा जाए कि वो कौन सी बिल्डिंग में रहती है। फिर मैंने अपने दोस्तों से कहा कि यार मुझे घर पर जाना है ऑफीस का कुछ बाक़ी काम साथ लाया हूँ वो करना है कल मिलते है और में उसी रास्ते पर चलने लगा। फिर वो दोनों मेरे आगे आगे चल रही थी.. साड़ी में उसकी हिलती हुई मस्त गांड ने मेरा लंड खड़ा कर दिया था और बेटी भी मस्त माल थी। फिर आगे चलकर एक मोड़ पर वो दोनों एक बिल्डिंग में चली गई। फिर में समझ गया कि ये यहीं पर रहते होंगे। फिर कुछ दूर पास के ही मोड़ पर मेरा भी घर था।
फिर उस दिन मैंने घर पहुंचकर उन दोनों को याद करके 2 बार मुठ मारी। फिर वो मुझे रोज़ शाम को उसी जगह पर दिखने लगी थी.. कभी अकेले आती तो कभी बेटी भी साथ में होती थी। फिर ऐसे ही कुछ दिन गुज़रे और फिर एक दिन उसे एक ऑटो से धक्का लगा.. मार्केट के भीड़ भाड़ वाले इलाके में ये तो आम बात है लेकिन उसे कंधे पर थोड़ा ज़ोर से लगा था और जबकि ग़लती उसी की थी। फिर उसके हाथ से सब्जी भी गिर गयी थी सारे टमाटर रास्ते में पढ़े थे। फिर मैंने मौका देखकर चौका मारने के लिए समय रहते ही उसके पास गया और सहारा देते हुए बोला कि आंटी आपको चोट तो नहीं आई?
फिर मैंने उसके टमाटर जमा किए और थैली में भरकर दिए और उसे हाथ देकर कहा कि आइए में आपको घर छोड़ दूँ। तभी उसने कहा कि नहीं कोई बात नहीं में चली जाऊंगी.. लेकिन वो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। फिर आख़िर उसने मेरा हाथ पकड़ ही लिया और मैंने उसे उसी ऑटो में बैठाया और साथ में भी बैठ गया आगे मोड़ पर ऑटो रुका उस ऑटो वाले ने उसे अपनी ग़लती समझ कर पैसे भी नहीं लिए। फिर मैंने कहा कि क्या आप यहाँ पर रहती है? तभी उसने कहा कि हाँ 4th फ्लोर पर। फिर मैंने कहा कि लिफ्ट है ना? तभी उसने ना में गर्दन हिलाई। फिर मैंने कहा कि तो चलिए आराम से में आपको ऊपर तक छोड़ दूँ और में उसे घर तक ले गया।
फिर उसके घर में उसका पति और बेटी थी जिसने नाईट सूट पहना था वो और भी मस्त लग रही थी। फिर मैंने कहा कि चलिए में चलता हूँ। तभी उसने कहा कि नहीं.. अंदर आओ चाय पीकर जाना.. आख़िर तुमने इतनी मदद की है। तभी उसके पति के बुलाने पर में अंदर चला गया। फिर उसने बेटी और पति को मार्केट में हुए हादसे के बारे में सब बता दिया। फिर उन दोनों ने भी मुझे शुक्रिया कहा। फिर हम बातें करने लगे। तभी उन्होंने मुझसे पूछा कि आप कहाँ पर रहते हो.. क्या करते हो.. घर में कौन कौन है। फिर मैंने कहा कि में यहीं पा पास ही में अगले मोड़ के दूसरी बिल्डिंग में रहता हूँ.. एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ.. मेरी शादी नहीं हुई है और घर के लोग लड़की ढूंढ रहे है।
फिर उसके पति ने कहा कि वो तीन लोग ही है घर में.. बेटी कॉलेज में है और वो खुद एक एक्सपोर्ट कंपनी में सेल्स मेनेजर है इस वजह से वो हमेशा टूर पर होते है और कभी कभी एक सप्ताह तक। तभी मुझे सुनकर बड़ा अच्छा लगा। उन लोगों ने मुझे चाय पिलाई और मेरा मोबाईल नंबर लिया। फिर मैंने भी उनका नंबर लिया और फिर में घर पर आ गया। तभी दूसरे दिन मैंने उनके घर कॉल किया दोपहर का वक़्त था में ऑफीस में लंच करके बैठा था। तभी उस औरत ने फोन उठाया मैंने उसके दर्द के बारे में पूछा और बातचीत की ऐसे ही कुछ दिन बीत गये। फिर जब कभी वो दोनों माँ बेटी मुझे मार्केट में देखती तो मुस्कुरा देती और कभी कभी उसका पति भी मिलता था।
फिर बात बढ़ने लगी और एक अच्छी जान पहचान बन गयी थी। फिर एक दिन दोपहर को उसका कॉल आया और मैंने बात की तो पता चला की उसकी बेटी और पति गावं में किसी रिश्तेदार की शादी में गुजरात गये है और चार दिन बाद आएँगे। फिर उसने कहा कि उसकी अपनी देवरानी जेठानी से नहीं बनती थी तो वो नहीं गयी। फिर मैंने बातों बातों में कहा कि फिर आपका ख़याल कौन रखेगा? तभी उसने कहा कि अरे बेटा तुम हो ना मेरा ख़याल रखने के लिए और हंस पड़ी। तभी मैंने कहा कि हाँ तो में हूँ ना और हम दोनों जोर से हँसने लगे। फिर में मन ही मन बहुत खुश था। लेकिन उसी शाम को वो मुझे ऑटो स्टैंड पर नहीं दिखी तो मैंने उसे फोन किया और कहा कि क्या आज आप मार्केट नहीं आए? आपकी तबियत ठीक तो है ना? तभी उसने कहा कि में बिलकुल ठीक हूँ अकेली हूँ तो मार्केट जाकर क्या लाऊँ? अकेली को खाने के लिए अभी घर पर बहुत है.. तुम वहाँ पर हो क्या यहीं पर आ जाओ चाय पी लेना और उस दिन के बाद तुम घर नहीं आए हो।
तभी में बहुत खुश हुआ और उसके घर पर चला गया और फिर हम दोनों बातें करने लगे। तभी रात के करीब 8 बजे थे.. हमने चाय पीकर बातें भी बहुत कर ली थी। फिर कुछ देर बाद वो किचन में कप धोने चली गयी.. तभी थोड़ी सो आवाज़ हुई। फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ आप ठीक है ना? तभी उसने कहा कि हाँ ठीक हूँ कप गिर गया तो फूटट गया था और वो काँच को उठा रही थी। फिर उसी वक़्त में भी वहाँ गया देखा वो नीचे ज़मीन पर पड़े काँच के टुकड़े उठा रही थी.. उसकी साड़ी का पल्लू गिरा हुआ था। फिर मुझे उसके गोरे गोरे ठोस मसल दिख रही थी। तभी उसने मेरी तरफ देखा और फिर मैंने नज़र चुरा ली वो समझ गयी कि में क्या देख रहा था। फिर उसने अपना पल्लू सीधा किया और में हॉल में आकर बैठ गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर कुछ देर बाद वो आई और बातें करने लगी.. लेकिन इस बार उसके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी और हवस भरी स्माइल मुझे नज़र आई। तभी उसने मुझसे कहा कि शादी कब करने वाले हो? जल्दी से कर लो। फिर मैंने कहा कि हाँ जल्द ही करने वाला हूँ थोड़ा कमा तो लूँ। फिर उसने कहा कि कोई दोस्त है या नहीं तुम्हारी? तभी मैंने कहा कि क्या मतलब? फिर उसने कहा कि अरे मतलब गर्लफ्रेंड। फिर मैंने कहा कि अब तक तो नहीं.. कोई लड़की आज तक पसंद ही नहीं आई। फिर उसने कहा कि तुम्हे कैसी लड़की पसंद है? फिर मैंने कहा कि एकदम सीधी साधी सुंदर लड़की।
तभी उसने कहा कि तब तो ना होने के बराबर होगी। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब है? फिर उसने कहा कि मतलब क्या अगर सीधी साधी होगी तो जो तुम्हे चाहिए वो तुम्हे कभी नहीं मिलेगी और फिर क्या फ़ायदा? तभी मैंने कहा कि क्या में समझा नहीं? फिर उसने कहा कि इतने भी भोले मत बनो तुम्हारी उम्र के लड़को को क्या चाहिए तुम्हे नहीं पता क्या? फिर उसकी ऐसी बात सुनकर में हैरान हो गया क्योंकि वो खुलकर बात करने की कोशिश में थी। फिर में था जो शरमा रहा था तभी मैंने स्माईल दी। फिर वो भी हंसने लगी और फिर क्या था.. वो और भी खुल गयी। फिर मैंने कहा कि हाँ आपकी बात तो सही है लेकिन क्या करें बात किस्मत की है मेरे सभी दोस्तों की किस्मत बहुत अच्छी है में ही खराब किस्मत का हूँ। तभी उसने कहा कि ऐसा मत कहो तुम बहुत अच्छे दिखते हो, हेंडसम हो तुम्हे तो कोई भी पसंद कर लेगी.. यहाँ तक की शादीशुदा औरत भी फिदा होगी तुम पर। तभी मैंने कहा कि क्या चने के झाड़ पर चड़ा रही हो आप और हम हंस पड़े। फिर वो बोली कि नहीं.. में सच बोल रही हूँ। तभी मैंने कहा कि मुझे तो ऐसा नहीं लगता। फिर वो बोली कि तुम झूट बोल रहे हो.. क्या तुम्हे औरतें पसंद नहीं है? तभी मैंने थोड़ा शरमाते हुए स्माईल दी। फिर वो बोली कि अरे क्यों लड़कियों की तरह शरमा रहे हो? ऐसा होता है इस उम्र में तुम्हारे उम्र के लड़के अपने से बड़ी उम्र की लड़कियों को बहुत पसंद करते है.. फिर चाहे वो 4 बच्चो की माँ ही क्यों ना हो? यारो में तो सच मे भोचक्का रह गया.. क्योंकि वो औरत तो मेरे मन को पढ़ रही थी और मेरे रोम रोम में हवस जाग रही थी और शरम तो इतनी आ रही थी जैसे मानो कि मेरी चोरी पकड़ी गयी हो।
फिर उसने कहा कि क्या हुआ क्या सोच रहे हो? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही। तभी उसने कहा कि अरे तुम तो बड़े शर्मीले हो। फिर मैंने कहा कि हाँ बात तो सही कही आपने। फिर उसने कहा कि तुम्हे शादीशुदा औरते पसंद है? तभी मैंने तुरंत हाँ कहा। फिर उसने कहा कि मुझे पता है में तो बस ऐसे ही पूछ रही थी। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब? तभी उसने कहा कि मतलब क्या? अभी कुछ देर पहले जो हुआ पता नहीं क्या और वो हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि क्या आपको अंकल प्यार करते है? फिर उसने कहा कि हाँ करते तो है लेकिन मुझसे 10 साल बड़े है तो प्यार कम हो गया है और हँसने लगी। फिर मैंने कहा कि ऐसा क्यों? तभी उसने कहा कि तुम हो ना.. क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते?
तभी मैंने कहा कि क्या आंटी आप भी? फिर उसने कहा कि.. अरे क्या हुआ में तो तुम्हे बहुत प्यार करती हूँ? फिर मैंने कहा कि तो में भी करता हूँ। फिर वो बोली कि.. अभी तुम घर जाओ कल रविवार है ना तुम्हारी छुट्टी होगी कल यहीं पर आ जाना खाने पर फिर हम दोनों कुछ बाते करेंगे। फिर मैंने कहा कि ठीक है.. में मन ही मन खुश होकर घर आया और कल के इंतज़ार में रात गुजारी और फिर दूसरे दिन 11 बजे में उसके घर पहुँच गया और अपने घर में बता दिया कि में बाहर जा रहा हूँ ऑफीस के एक दोस्त की शादी है रात को देर से आऊंगा और फिर में उस औरत के घर चला गया।
वो मेक्सी में थी बहुत ही सेक्सी लग रही थी चलती तो उसकी गांड बड़ी होने की वजह से हिलती थी उसकी पेंटी की लाईन मुझे पागल कर रही थी.. उसने ब्रा नहीं पहनी थी लेकिन बूब्स बड़े और ठोस थे तो इसलिए निप्पल की नोक साफ साफ दिख रही थी और बूब्स जोर जोर से हिल रहे थे.. में हॉल में सोफे पर बैठा था। तभी वो अपना काम खत्म करके मुझसे बोली कि अंदर आ आओ तुम्हे घर दिखाती हूँ और मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गयी और कहा कि ये है तेरे अंकल का और मेरा कमरा.. बगल का कमरा मेरी बेटी का है और उसने कहा कि बैठो और में बेड पर बैठ गया। फिर वो किचन में गयी पानी की बोतल लेकर आई और फिर एकदम मेरे पास में आकर बैठ गई। फिर मैंने पानी पिया और उसे बोतल दी उसने सामने ड्रेसिंग टेबल पर रख दी और फिर बाल बनाने लगी। तभी में उसे पिछवाड़े से देख रहा था और उसने मेरी नज़र को सामने आईने में से पकड़ लिया और वो मुड़कर मेरे सामने खड़ी हुई और अपने बाल बाँधते हुए बोली क्या सोच रहे हो? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं फिर उसने मुझे हाथ पकड़ कर खड़ा किया। फिर में एकदम उसके सामने खड़ा था और उसने मेरी आँखो में आँखे डालकर देखा और फिर मुझसे लिपट गयी और फिर मुझे अपनी बाँहों में कसकर बोली.. बस अब शरमाओ नहीं प्लीज आज मेरे साथ सो जाओ।
तभी मैंने उसे एक बार देखा और फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ा उसने मुझे चूमा और मैंने भी चूमा। फिर मैंने अपना एक हाथ उसके शरीर, कूल्हों पर और उसकी गांड को और भी आगे छुआ। फिर उसकी चूत मेक्सी के ऊपर से ही मेरे लंड को छूने लगी.. वो पागल हो रही थी और फिर उसने मुझे छोड़ा और मुझे बेड पर लेटाया। तभी में उसके ऊपर लेटा और चूमने लगा में उसके दोनों बूब्स पकड़ कर दबाने लगा। उसकी मेक्सी ऊपर करके उसकी नंगी टांगो को सहलाने लगा। तभी उसने कहा कि बस रुक जाओ और उठकर बैठी और मुझे कहा कि कपड़े उतारो। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे.. उसने अपनी मेक्सी उतारी उसके नंगे बड़े बड़े बूब्स देखकर में पागल हो गया। फिर वो सिर्फ़ पेंटी में थी में तुरंत ही उनको दबाने लगा और मुहं में भर भरकर चूसने लगा।
तभी मैंने उसकी पेंटी को खींचकर निकाल दिया और उसके ऊपर लेटे लेटे उसके बूब्स चूसने लगा। फिर कभी मुहं में मुहं डाल उसे चूमने लगा और कभी उसकी चूत को रगड़ने लगा.. उसने अपने बाल साफ किए हुए थे शायद आज वो चुदने की सोचकर ही तैयार हुई थी। फिर में उसकी चूत को रगड़ते रगड़ते उसकी चूत में उंगली करने लगा और साथ ही साथ बूब्स को बारी बारी मुहं में लेकर चूस रहा था और वो मेरे बालों को सहला रही थी। फिर में नीचे हुआ और पेट को चूमते चूमते चूत को चूमने लगा बहुत गोरी और फूली हुई चूत थी उसकी। चूत गीली हो गई थी और में उसकी चूत को अपने मुहं में भरकर चूसने लगा।
फिर अपनी जीभ को चूत में डालकर चूसने लगा वो मेरे बालों को तड़प के मारे नोच रही थी। तभी मैंने उसे उल्टा घुमाया और फिर उसकी गांड को चूमने लगा.. क्या मस्त गांड थी मेरे सपनों में आने वाली गांड से भी खूबसूरत। फिर मैंने तो उसके कूल्हों मसल मसल कर चूमा उनको फैला कर उसकी गांड के छेद तक को चाट लिया। तभी वो पागल हो गयी और फिर पलट गयी उसने मुझे अपने ऊपर खीच लिया और फिर मेरे मुहं में मुहं डालकर चूमने लगी। फिर मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपनी चूत पर रखकर बोली कि देख जिंदगी में पहली बार में बिना कुछ किए संतुष्ट हुई हूँ फिर उसने कहा कि तू तो बड़ा शर्मिला बन रहा था.. लेकिन तू तो असली मर्द निकला.. एकदम अनुभवी आदमी की तरह करता है रे तू तो। तभी मैंने देखा उसका पानी झड़ गया था। फिर मैंने कहा इंग्लीश ब्लू फ़िल्म बहुत देखी है तो पता है मुझे। फिर उसने कहा कि मुझे बहुत मज़ा आया उसने मुझे लेटाया और मेरी अंडरवियर के ऊपर से मेरे टाईट लंड को सहलाने लगी। फिर अपने हाथ से नापकर देखा और मेरी तरफ फटी आँखो से देखकर एकदम चोंक उठी और फिर वो उठकर बैठी हुई फिर उसने मेरी अंडरवियर को जल्दी जल्दी निकालकर मेरा टाईट रोड जैसा लंड एकदम तनकर खड़ा था। तभी वो देखकर बोली कि अरे बाप रे बाप.. यह क्या है इतना बड़ा?
तभी मैंने कहा कि तो क्या हुआ? फिर उसने कहा कि क्या हुआ क्या? अरे ये तो मेरी उम्मीद से कहीं गुना बड़ा है.. में जिंदगी में पहली बार इतना बड़ा लंड देख रही हूँ। फिर मैंने कहा कि क्या अंकल का भी इतना ही है? फिर उसने कहा कि तेरे अंकल का तो इसके आधा भी नहीं होगा और फिर वो मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और में पागल हो रहा था। तभी उसने कहा कि रुक ज़रा फिर उसने ड्रेसिंग टेबल से नापने की टेप निकाली और नापा उसने कहा कि 8.1 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है तेरा.. इतना बड़ा लंड तो सिर्फ़ किसी शैतान का ही हो सकता है। फिर मैंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है ब्लू फिल्मों में लोगों के तो मुझसे भी बड़े होते है और काले अफ़्रीकी लोगो के तो उससे भी बड़े।
तभी उसने कहा कि लेकिन मुझे तो यही पसंद है और हंस पड़ी मुहं में भरकर मेरे लंड को चूस रही थी। फिर मेरे लंड बहुत तन गया फिर मैंने उसे लेटाया और फिर उसकी चूत में लंड को रखकर एक धक्का मारा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो ज़ोर से चिल्लाई। तभी उसने कहा कि थोड़ा आराम से कर तेरा लंड बहुत बड़ा है और फिर तेरे अंकल मुझे कोई रोज़ रोज़ नहीं चोदते है इसलिए दर्द हो रहा है और तेरा तो उनसे भी कई गुना लम्बा और मोटा लंड है। फिर मैंने एक जोर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी गीली चूत को चीरते हुए समा गया। फिर उसने दोनों पैरो को केंची बनाकर मुझे बाँहों में जकड़ लिया। फिर में उसकी चूत को एक भूखे शेर की तरह चोद रहा था और वो बस ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और अपनी कमर को ऊपर की तरफ उठा उठाकर चुदवा रही थी।
तभी मैंने अपनी स्पीड को बढ़ाया और चोदता रहा। उसका पानी झड़ने वाला था और अचानक उसने अपना पानी झाड़ दिया। फिर मैंने भी कुछ देर बाद अपना पानी उसकी चूत में झाड़ दिया और मेरे लंड के गरम पानी का स्पर्श पाकर वो मुझे चूमने लगी। फिर में उसके ऊपर ही लेटा रहा। फिर उसने मेरी पीठ को सहलाते हुए कहा कि अब में तेरे बच्चे की माँ बनूँगी। तभी ये सुनते ही में डरकर उठा उसने मुझे जकड़ते हुए कहा कि अरे में तो मज़ाक कर रही हूँ.. मेरा तो मेरी एक बेटी होने के बाद ऑपरेशन हो गया है डर मत कुछ नहीं होगा। फिर हम हंसने लगे। फिर उसने कहा कि तेरा लंड तो मेरे पेट तक आ रहा था। तभी मैंने कहा कि मज़ा आया आपको। फिर उसने कहा कि इतना मज़ा आया कि पूछ मत में बता नहीं सकती मेरे पति ने भी कभी इतना मज़ा नहीं दिया मुझे और ना ही मेरे बॉयफ्रेंड ने। तभी मैंने कहा कि क्या बात कर रही हो आप? तभी उसने कहा कि हाँ मेरी शादी से पहले भी में गावं में एक लड़के से चुद चुकी हूँ जब में 19 साल की थी। इसलिए बदनामी के डर से मेरे माँ बाप ने मेरे बॉयफ्रेंड को बहुत मारा और मेरी शादी करवा दी थी। तभी में तो उसने जो कहा उसे सुनकर दंग रह गया। फिर उसने कहा कि में तुम्हे रोज़ ऑटो स्टैंड पर देखती थी और मुझे पता था कि तुझे मेरी गांड बहुत पसंद है.. फिर उसने कहा कि गधे के जैसा लंड है तेरा और फिर मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे भोसड़े में इतना बड़ा लंड भी कभी जाएगा । फिर मैंने कहा कि हाँ में भी आपको बहुत पसंद करता हूँ और हम दोनों हंसने लगे।
फिर मैंने उस पूरे दिन में उसे कई बार चोदा उसकी गांड तो बहुत जमकर मारी। फिर हमने साथ में बैठकर खाना भी खाया में पूरे दिनभर रात के 9 बजे तक उसके घर में ही रहा। फिर दूसरे दिन ऑफीस गया और फिर शाम को घर में बहाना बनाया की रात में ड्यूटी करनी है और फिर रात में उसके साथ बहुत चुदाई की और उसे बहुत चोदा। फिर यही सिलसिला चलता रहा।
फिर एक दिन उसकी बेटी और पति गावं से आ गये थे फिर हमारा मिलना कम होने लगा लेकिन हम जब जब मौका मिलता चुदाई करते थे। फिर कुछ महीनो बाद उसने कहा कि अब ऐसे काम नहीं चलेगा.. मुझे तुमसे सप्ताह में कम से कम 3 से 4 दिन तो मिलना ही है। तभी मैंने कहा कि हाँ में भी अब आपके लिए बहुत तड़पता हूँ। फिर हमने एक रास्ता निकाला.. उसने कहा कि मेरी बेटी तुम्हे बहुत पसंद करती है तुम उसे पटा लो और में मेरे पति को समझा दूँगी और फिर तुम्हारी शादी करा दूँगी.. फिर बिना रोक टोक तुम और में मजे कर सकते है। तभी मैंने वही किया उसकी खूबसूरत बेटी जो उससे भी सेक्सी है मैंने उसे पटाया और लव मैरिज कर ली। अब तो मेरी वाईफ 5 महीने से प्रेग्नेंट है और में अब कभी सास को उसके घर जाकर शाम को दो घंटे चोदता हूँ और रात को अपनी वाईफ को.. है ना मज़ा ही मज़ा ।।
धन्यवाद …
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